Monday, April 4, 2022
सफलता के आध्यात्मिक नियम 1
Friday, January 14, 2022
बता मन तेरा क्या करू ?
बता मन तेरा क्या करु ?
जिसकी मदद की, उसी ने बेईमान बताया। जिस के लिए झुके ,उसी ने अहंकारी बताया । जिनके के दोष छिपाए, उन्ही ने इल्जाम लगाए l जिनके लिए जिए उन्हीं ने बेगाना बनाया । जिसको अपना समझ कर ,दिल हल्का करने के दिल के दर्द बताए,उसी ने घर घर जाकर बदनाम किया । फिर भी तू उनसे लगा बता मन तेरा क्या करु?
जिसको जितना अपना समझा वो उतना ही पराया निकला । सब से धोखा खाया
जो जितने नजदीक आए उतना ही उसने सताया फिर भी तू उनके लिए रोया l तूने उन्हीं को दुखेडे सुनाए बता मन तेरा क्या करु ?
वही पैसा अपना है, वही टाइम अपना है, वही मेहनत अपनी है, जो प्रभु सेवा में लगे नही तो कुछ भी अपना नही है । वही प्रेम अपना है वही खुशी अपनी है, वही दुख अपना है , वही सुख अपना है जो प्रभु से मिला नही तो कुछ भी अपना नही है । वही रिश्तेदार अपने हैं वही दोस्त अपने हैं जो सिर्फ प्रभु से जुड़े हैं। नही तो कोई अपना नही है ।
कितना ही धन कमाए कितनी ही मेहनत करें कितनी ही प्रॉपर्टी जोड़े कितना ही परिवार ब रिश्तेदार या दोस्तो के लिए करे ये दुनिया स्वार्थी है यहां की हर चीज़ झूठी है । यहां कोई अपना नही है ।
कोई चीज़ खुशी नही देती खुशी प्रभू चिंतन से, भ्ग्गति से मिलती है प्रमार्थ से मिलती है पर ये मन वहा लगता ही नही ये मन दुनिया में भागता है जहां सिर्फ दुख है । बता मन तू प्रभु चरणों में क्यू नही लगता ? जहा सच्चा सुख है
Friday, May 14, 2021
एकाग्रता कितनी अनिवार्य है जीवन मे
Thursday, June 27, 2019
आगे बढ़ना है तो साथियों से सलाह लें !!!
निर्णय लेने से पहले सलाह लें | निर्णय लेने से पहली ली सलाह बहुत महत्वपूर्ण होती है और निर्णय लेने के बाद की सलाह का कोई महत्व नहीं होता |
सलाह कार सिर्फ आपकी तरह ही काम नही करते वे आपकी तरह सोचते भी हैं | इससे वे आपका काम हल्का कर देते हैं | निर्णय लेने, विचार मंथन करने और दुसरो को दिशा देने में ये बहुत अमूल्य है |
जो लोग क्षमतावान लोगो का मार्ग दर्शन करते हैं वे अपनी प्रभावकारिता को कई गुना बड़ा लेते हैं |
"किसी भी इंसान की सफलता की परिभाषा यह है उसके अधीन काम करने वालो की योग्यता का अधिकतम दोहन "
जिग जिगलर कहते है
" सफलता अपनी योग्यता का अधिकतम दोहन करना है |
एंड्रूय कार्नेगी ने इसे इस तरह स्पष्ट किया था : " में अपनी कब्र के पत्थर पर यह लिखवाना चाहता हूँ यहाँ वह व्यक्ति लेटा है जो इतना बुद्धिमान था कि वह अपने से दर लोगो को अपनी सेवा में लाया |
जो लोग हमारी योग्यता में विश्वास दिखाते हैं ,वे हमे प्रेरित करने से भी ज्यादा बड़ा काम करते हैं-वे एक ऐसा माहौल बना देते हैं ,जिसमे हमारे लिए सफल होना ज्यादा आसान हो जाता है | इसका विपरीत भी सच है जब कोई लीडर हमरी क्षमता पर विश्वास नहीं करता , तो हमारे लिए सफल होना बहुत मुश्किल हो जाता है | यह लगभग असंभव हो जाता है | अगर हम अपने संगठन की सफलता चाहते हैं तो लीडर के रूप में हम अपने अनुयायीयों के साथ ऐसा नही होने दे सकते |
दोस्तों ! ये समृ जॉन सी.मेक्सवेल की बुक " अपनी टीम के लीडर्स को कैसे विकसित करें" की है | अगर आप अपनी टीम के लीडर को विकसित करना चाहते हैं तो आप को ये बुक बहुत ही हेलफुल रहेगी |
Sunday, June 23, 2019
मानव जीवन के दस पश्चाताप !!!
1 आपका जीवन जो एक बेहद प्रभावशाली गीत गाने के लिए मिला था ,आखरी समय में तुम पाओगे के तुमने निस्तंभ होकर जीवन गुजारा है |
2 अपने आखरी समय में महसूस करोगे कि अच्छा काम करने की और अच्छी चीजें हासिल करने की प्राप्त हुई नैसर्गिक शक्ति का तुमने अनुभव लिया ही नही |
3 आखरी दिनों में यह महसूस होगा तुमने ऐसा कोई काम नही किया जिससे अन्य लोग प्रोत्साहित हो सकें |
4 आखरी दिनों में तुम्हे लगेगा कि तुमने जीवन में कोई कठिन काम करने का जोखिम नही उठाया जिससे तुम्हें कोई पुरस्कार नही मिला |
5 आखरी दिनों में तुम्हें यह समझ आयेगा तुमने जीवन में कई अच्छे मौके गवाएं - जो तुम्हें विशेष स्थान पर ले जाते | तुम झूठी धारना में आकर साधारण योग्यताओ पर संतोष मानते आये हो |
6 आखरी दिनों में तुम्हे ये सोच कर बुरा लगेगा कि तुमने आपदा को जीत में बदलने की और शीशे को सोने में बदलने का हुनर नही सीखा |
7 तुम्हें इस बात का खेद रहेगा कि तुमने सिर्फ खुद की मदद की ,लोगो की मदद नही कर सकें |
8 आखरी दिनों में तुम्हे ये पता चलेगा कि तुमने ऐसा जीवन व्यतीत किया जो तुम्हे समाज ने सिखाया |
9 आखरी दिनों में तुम्हें इस वास्तविकता का पता चलेगा कि तुम्हारी क्षमता तुम्हे पता ही नही चली | अपनी योग्यता को वास्तविकता में बदलने का प्रयास ही नही किया |
10 आखरी दिनो में तुम्हें ये अहसास होगा कि तुम एक अच्छे इंसान इंसान बन सकते थे | जीवन में जो पाया उससे अधिक दे कर जा सकते थे | तुमने यह कभी स्वीकार ही नही किया की कि तुम्हारी घबराहट के कारण तुमने चुनौतियों को स्वीकार नही किया और अपना जीवन बर्बाद कर लिया |
दोस्तों ! ये समरी रॉबिन शर्मा की बुक अपने "अंदर के लीडर को पहचानों " की है | इसमे बहुत ही बेहतरीन तरीके बताये है अपने अंदर के लीडर को पहचानने के |
ऐसे दोस्तों से दूरी बना कर रखो !!!
दोस्त इंसान की पहंचान होते है कहते कि अगर इंसान के बारे में जानना है तो उसके चार मित्रो को मिलो वो वैसा ही होगा जैसे उसके चार मित्र होंगे | जैसा इंसान होता है वैसे ही उसके दोस्त होते हैं | अगर सोच में फर्क मिल भी जाए तो कर्म में फर्क नही मिल सकता | सोसायटी का असर जरूर पड़ता है |
आज समज में तेजी से परिवर्तन आ रहा है | समाज व कार्यस्थल में कई लोग देखे जाते हैं जिनकी सत्ता छोटे छोटे कई सिंहासन पर टिकी होती है जिसपर प्रभुत्व जताने के लिए रोज नई नई लड़ाई लड़नी पड़ती हैं | चाहे वह परिवार में खुद को बेहतर साबित करने की बात हो या कार्य स्थल व दोस्तों को इंप्रेस करने का संघर्ष |
ऐसी स्थति में लोग सीधी लड़ाई ना लड़ कर बहुत ही चालाकी से सामने मीठा बनकर अपना काम साधते हैं और पीठ पीछे बुराई करते हैं | दोस्तों के वीक पॉइन्ट बढ़ा चढ़ाकर पेश करते हैं | झूठ बोलकर समाज में उनका आत्म सम्मान छलनी करते हैं | और उनका ये रवैया नकारत्मक है वे खुद से इतने अभिभूत होते हैं कि दोस्तों को नीचा दिखाकर स्वयं को बेहतर सिद्ध करना चाहते हैं | इसके लिए वे दोस्तों को बैकहैंड कम्प्लीमेंट्स देते है ,जिससे वे ये जता सकें कि उनका स्तर उनके दोस्तों के स्तर से बहुत ऊंचा है | वे हमेशा आपकी उन्ही चीजों को निशाना बनाकर वार करते हैं जो आपके दिल के बहुत करीब हो |
आप ये तो जानते ही हैं कि जब तक सच घर से बहार निकलता है तब तक झूठ सारे शहर में ढिढोरा पीट आता है | जिसका खामयाजा उस इंसान को भुगतना पड़ता है जिसके बारे में झूठी अफवाह फैलाई गई है | एक तो वो पहले ही अपनी विपरीति परस्थतियों व समस्याओं को झेल रहा होता है दूसरे ऐसे लोग जो खुद अपनी लाइफ में कुछ नही करना चाहते वे लोग उसका श्रेय लेने या ईर्ष्या से झूठे आरोप लगा कर और समस्या खड़ी कर देते हैं | जिसकी वजह से उस इंसान को बार -बार अपनी सफाई देनी पड़ती है | जिसकी वजह से वो सक्सेस नही पाता जो पा सकता था |
दोस्तों आप अपने फ़्रेनेमी को अच्छी तरह पहंचान सकते हो | और सावधान हो सकते हो कहि वही दोस्त आपको दोस्ती की आड़ में मानसिक व शारीरिक रूप से चोट ना पहुंचा दे | दोस्त होकर लोग ऐसा काम क्यों करते हैं ? दोस्तों मेंने कही पढ़ा था -